विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
By- M. Govind
परिचय (Introduction)
हर साल आज के दिन 15 मार्च को पुरे विश्व में अन्तर्राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है. जिसका उद्देश्य हरेक देश के उपभोक्ताओ को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक और सजग बनाना. इस दिन सरकार और उपभोक्ता संगठनो द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, ताकि उपभोक्ता जागरूक हो और किसी भी तरह कि धोखधड़ी से बच सके. पर क्या आपको पता है इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई? उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Rights Act) क्या है? तो हम इसके बारे में विस्तार से चर्चा करेंगें.
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| #Theme2020-"The Sustainable Consumer" विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 2021 की थीम है '#प्लास्टिक प्रदूषण से निपटना' |
इतिहास (History)
· वर्ष 1960 “अन्तर्राष्ट्रीय
उपभोक्ता संगठन” (International Organization of
Consumer Union) का स्थापना Elizabeth Schadee द्वारा किया गया था.
· IOCU मुख्यालय लन्दन,
इंगलैंड में स्थित है (वर्तमान में एक मुख्यालय और 5 उप मुख्यालय, एक भारत में भी
स्थित है),
· OCU 120 देशों का संगठन
है जिसमे 250 सदस्य समिल्लित है.
· सर्वप्रथम 15 मार्च 1962
को उभोक्ता संरक्षण विधेयक तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के
सामने प्रस्तुत किया गया था.
· वर्ष 1983 में उपभोक्ता
अधिकार संगठन के कार्यकर्ता अनवर अफज़ल द्वारा 15 मार्च को “विश्व उपभोक्ता
अधिकार दिवस” के रूप में मनाने की मांग की गई, इसके पश्चात यह ”अन्तर्राष्ट्रीय उपभोक्ता
दिवस” के रूप में मनाया जाता था.
· पहली बार पूर्ण अधिकारिक
रूप से “विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस” 15 मार्च 1983 में मनाया गया था, तब से यह
परम्परा चले आ रही है.
उदेश्य (Objective)
· उपभोक्ता सरक्षण अधिनियम
(Consumer Rights Act) की मूल्यों को बचाए रखना.
· इस अधिनियम या विधेयक के प्रमुख चार प्रावधान है-
1.
उपभोक्ता सुरक्षा के अधिकार (Right to
safety)
सबसे पहला अधिकार है, उपभोक्ता की सुरक्षा
का अधिकार जिसमे उपभोक्ता को किसी वस्तु या सेवा के उपभोग में किसी तरह की भौतिक व आर्थिक नुकसान से सुरक्षित करना. इसके
लिए कुछ मापदंड निर्धारित किया गये है जैसे ISI, एग मार्क, FPO, हालमार्क, FSSAI प्रमाणपत्र, BEE स्टार रेटिंग
इत्यादि. यह चिन्ह किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा की गारंटी देता है.
2.
सुचना प्राप्त करने का अधिकार (Right to
Information)
दूसरा अधिकार है, वस्तु या सेवाओ के
बारे में पूर्ण सुचना प्राप्त करने का अधिकार. प्रत्येक उपभोक्ता किसी भी वस्तु की
मात्रा, गुणवत्ता, घटक, शक्ति, शुद्धता, स्तर और मूल्य के बारे में विक्रेता से
पूरी जानकारी ले सकता है, यह उपभोक्ता की क़ानूनी अधिकार है.
3.
उपभोक्ता को चुनाव करने का अधिकार
(Right to Choose)
तीसरा अधिकार है, चुनाव का अधिकार
यानी उपभोक्ता अपनी पूरी आज़ादी से अपनी पसंद और विवेक से वस्तु या सेवाओ का चयन कर
सके. कोई भी विक्रेता किसी के साथ जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता.
4.
सुनवाई का अधिकार (Right to be Heard)
चौथा अधिकार और सबसे महत्वपूर्ण
अधिकार है, सुनवाई का अधिकार अर्थात यदि उपभोक्ता को किसी वस्तु या सेवा को लेकर
शिकायत होने पर वह विक्रेता से सीधे अपनी परेशानी बात सकता है, यदि वह उपभोक्ता को
नज़अंदाज करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जा सकती है.
· 👉अन्य अधिकार जैसे- विवाद सुलझाने का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार
विवाद सुलझाने का अधिकार यानी लेन-देन में किसी भी तरह कि विवाद होने पर, उसकी सुनवाई जल्द-जल्द से हो सके तथा उपभोक्ता को पूरा अधिकार है कि वह अधिनियम से जुड़े पुरे जानकारी प्राप्त कर सके और जरुरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल कर सके.
उपलब्धि (Achievement)
· उपभोक्ताओ को न्याय
दिलाने के लिए प्रत्येक देश में उपभोक्ता न्यायालय (Consumer Court) बनाया क्या
है, जो व्यवस्थित तरीको से कार्य करता है जैसे अन्य न्यापालिका काम करती है.
· देश के कोई भी नागरिक अपना लेन-देन शिकायतों को न्यायालय में नि:शुल्क पेश कर सकता है तथा शिकायत उचित पाए जाने पर मुआजा देने का भी प्रवधान है.
· Consumer Court में हम अपनी शिकायत ऑफलाइन, ऑनलाइन और टेलीफ़ोन से सीधे कर सकते है, इसके लिए Govt. Portal और Customer Help Line नम्बर सरकार द्वारा मुहैया करवाई गई है.
· भारत में उपभोक्ता मामले विभाग के अधीन कार्य किया जाता है.
परिणाम
(Outcome)
· उपभोक्ता संरक्षण एक्ट
(1986) के तहत लाखो उपभोक्ता अब तक फायदा ले चुके है .
· बहुत सारे NGO और निजी कंपनिया भी उपभोक्ताओ को कम शुल्क में सेवा दे रहे है.
· ग्राहक और विक्रेता दोनों जागरूक हो रहे है, उन्हें उनकी जिम्मेदारी पता है,
· विक्रेताओ में हमेशा दबाव बना रहता है कि वे अपनी गुणवत्ता को बरकरार रखे.
👦भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है?
· भारत वर्ष 1966 में उपभोक्ता
संरक्षण से जुड़े आन्दोलन की शुरुआत मुंबई से हुई.
· भारत में हर साल 24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है, जिसकी शरुआत सन 2000 में हुई.
· उपभोक्ता संरक्षण एक्ट (1986) भारतीय संविधान की धारा 14 से 19 के बीच में उपलब्ध कराया गया है.
हमारी कर्तव्य (Our
Responsibility)
· जब भी कुछ सामन खरीदे
दुकानदार से पक्का बिल व रसीद लेना ना भूले.
· सामान लेने से पहले उत्पादन तिथि और एक्स्पयार्ड की तिथि जरुर देखे.
· सामान लेते वक्त ISI, एग मार्क, FPO, हालमार्क, FSSAI प्रमाणपत्र, BEE स्टार रेटिंग को भी ध्यान में रखे.
· धोखाधड़ी होने पर तुरंत उपभोक्ता सेवा विभाग से सपर्क करे.
Cosumer Help Line No. (India)टोल फ्री1800114000 or 14404
https://consumerhelpline.gov.in/
Jago_Grahak_Jago
https://www.jagograhakjago.com/
Consumer Complain Annual Report 2018-19
http://www.consumerhelpline.gov.in/assets/annual-reports/Annual_Report_2018-19.pdf
The Consumer Protection
https://consumeraffairs.nic.in/acts-and-rules/consumer-protection


